Two liners

​१. इल्तिजा नही है किसी से तवज्जो कि,

अगर जो हमनशीन समझो तो गुफ्तगू कर लिया करो।।

 

२. मुद्दतों से इंतज़ार कर रहा हूं, मुद्दतों तक इंतज़ार करूंगा।

बस एक तेरे साथ के खातिर मैं, सारी कायनात से लड़ूंगा।।

३. सौह़बत नसीब में ना सही तुझसे, पर तेरी ख़ैर तो उस रब से कर ही सकते हैं।

जब भी ज़िक्र होता है महफ़िल में तेरा तो खामोश रहते है लफ्ज़ मगर दिल ही दिल में तड़प तो सकते हैं।।

४. इन मुस्कुराहटों पर जान निसार कर दूं, तू कह दे तो अभी तुझसे मोहब्बत का इकरार कर दूं।

सारी कायनात होगी तेरी खूबसूरती कि कायल, तू कह दे तो आज खुदा को भी तेरा गुलाम कर दूं।।

५. वो खामोश रह कर भी सब कुछ कह गए, और हम सब कह कर भी कुछ समझा ना सकें।

इज़हार-ए-इश्क हुआ तो मुक्कमल फिर भी हम उनकी तकदीर ना बन सके।।

६. जिनके नजरों के हम असीर हुआ करते थे,

 वह ही आज हमे आब-ए-तल्ख़ दे गए।

कभी समझा था जिनको हमनफस हमने,
वह आज हमसे ही मुख्तलिफ हो गए।

असीर = क़ैदी, आब-ए-तल्ख़ = आँसू , मुख्तलिफ = जुदा

७. यूँ जो भटक़ते हो इधर उधर, नजरें उठाओगे तो हमें ही पाओगे ।।

कभी जोड़कर खुद को हमसे, देखोगे तो सारी कड़ियां जुड़ी हुई पाओगे।।

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Keemat

आँखो से चश्मा तो हटा लोगे मगर,
जमी हुई उस धूल का क्या करोगे
अगला-पिछला भूला-बिसरा सही-गलत, ये सब तो ठीक है,
पर जिसकी कीमत हमने चुकायी है, उस भूल का क्या करोगे।

~Seasons’King

Dariya

अब जो थामा है हाथ तो छुड़ाकर जाने तो नही दूँगा
ए दरिया ,कई बरसों से प्यासा हूँ दो घूँट ही सही ,जूठा किये बिना डुबाने तो नही दूँगा।
जिस्मों की ज़रूरत को मोहब्बत समझते हो
जब तक जान नहीं जाते रूह की हसरत को तब तक तुझे अपना दिल नहीं दूँगा।।

~Seasons’King

Happy friendship day DOSTI

दोस्ती: महज़ एक शब्द नहीं है,
ये वादा हैं जिसे बेव़जह बिना शर्त रोज़ निभाना पड़ता हैं,
सिर्फ़ खुशी में ही नही बल्कि ज़रूरत के समय भी साथ में आना पड़ता हैं,
दोस्ती वो नही जो मुस्कुराते होंठ पहचान ले,
उसके पीछे का दर्द जान लेना दोस्ती है,
उम्मीद करते हैं तेरे दोस्तो में शुमार होंगे,
ज़रूरत आने पर याद करना हम हमेशा तैयार होंगे।

-Seasons’king

Bikharna

जब मिले थे तुम तो कितने टूटे हुए थे,
आज जुड़ गए तो हमारे लिये ही दीवार बन गये।
समेटने चले थे तेरे बिख़रे लम्हों को अपने दामन में,
तुमने तो हमें ही तोड़ कर बिखे़र दिया,
अब तो बिख़रे है इस कदर के जुड़ भी नही सकते,
और अब जुड़ कर भी क्या करे जो तुमसे मिल नही सकते।

~Seasons’King

Ahemiyat

मेरी आँखो पर पड़े तेरी मोहब्बत के चश़्मे को चिलमन-ए-धुँध नही होने दोगी,
कहो अपने ज़हन में मेरी आशिकी की शिद्दत कम नही होने दोगी।
यूँ तो चाहते हैं बहुत लोग तुम्हे मगर वादा करो कभी इस वजह से मेरी अहमियत को कम नही होने दोगी।।
~Seasons’King

Khayaal

चुना हैं तुमको तुम्हारी सादगी देखकर,
ये सजना संवरना तो तुम ज़माने के लिये रखो।
मुझे अपनी रूह से जोड़ लो
ये जिस्म भले ही किसी और के लिये रखो।।
परवाह नहीं इस बात की, के तुम बाँहों में हो किसी और के,
मुझे तो बस हर पल तुम अपने ख़्याल में रखो।।

~Seasons’King

Sawaal

शिकव़ा करें तो किस बात का
तुमने कभी हमनशीं समझा ही नहीं,
रोज़ जवाब दते हैं खुद को
उन सवालों के जो तुमने कभी पूछे ही नहीं।

Shikwaah Karen toh kis baat Ka,

Tumne Kabhi humdard samjha hi nahi

Roz jawaab dete Hain khudko,

un sawaalon ke Jo Tumne Kabhi puche hi Nahi.

~Seasons’King

Kaayal

जो सुकून मिलता हैं तेरी आवाज़ सुनकर,
वो और कहाँ ढूंढ़ने जायेंगे।
जो सुरूर मिलता हैं तेरी इबादत में
वो कहाँ किसी मैकदे में पायेंगे,
हम तो पीते हैं तेरी आँखो के जाम
और उन्ही में डूब कर गुज़र जायेंगे,
मगर जाते हुए हम तुझे भी अपने अफ़सानों का कायल बना जायेंगे।

~Seasons’King

Kismat

सज़ा तो पहले से मुकर्रर हैं तेरे गुनाहो की,
हम कौन होते हैं तुझे गलत कहने वाले।
मिलेगा वही जो हैं किस्मत में ‘सावन’ की,
क्या बरसेंगे बादल सिर्फ़ गरजने वाले।।

~Seasons’King

Haal e dil

अगर मिलना हुआ कभी तो नज़रें मत फेर लेना, बस मुस्कुरा कर हाल-ए-दिल बाता देना।
फ़िक्र तो कल भी उतनी ही रहेगी तुम्हारी जितनी आज है।

~Seasons’king